ब्लैक मंडे: शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को बड़ा झटका
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई। कमजोर वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई, जिससे बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स लगभग 800 अंक तक गिर गया, जबकि निफ्टी 23,100 के आसपास फिसल गया। इस गिरावट के चलते कुछ ही घंटों में निवेशकों की संपत्ति में करीब 5 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। इसके साथ ही बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर लगभग 456 लाख करोड़ रुपये रह गया।
गिरावट की प्रमुख वजहें
1. ईरान-इजरायल तनाव
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। ईरान और इजरायल के बीच हालिया घटनाक्रम के बाद निवेशकों ने जोखिम वाले निवेशों से दूरी बनानी शुरू कर दी।
2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर 96 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। भारत के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि देश अपनी अधिकांश तेल जरूरतें आयात से पूरी करता है।
3. अमेरिकी बाजारों में कमजोरी
पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी टेक शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। नैस्डैक और एसएंडपी 500 में आई गिरावट का असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी पड़ा।
4. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पूंजी निकाल रहे हैं, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
5. रुपये में कमजोरी
डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से विदेशी निवेशकों का रिटर्न प्रभावित होता है, जिससे वे और अधिक बिकवाली कर सकते हैं।
बाजार का हाल
सेंसेक्स के लगभग सभी प्रमुख शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जो निवेशकों के बीच बढ़ती सतर्कता को दर्शाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।







