Gold-Silver Price Today: 24 मई 2026 को देश में सोना-चांदी के ताज़ा भाव
आज रविवार होने के कारण मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) बंद है, इसलिए देशभर में सोने और चांदी की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं देखा गया। बाजार में कीमतें कल के स्तर पर स्थिर बनी हुई हैं। फिलहाल 24 कैरेट सोना लगभग ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी ₹2.85 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है।
प्रमुख शहरों में सोने के रेट
शहर 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) 22 कैरेट सोना (10 ग्राम)
| शहर | 24 कैरेट की कीमत (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट की कीमत (प्रति 10 ग्राम) |
| कोलकाता | 1,58,820 रुपये | 1,45,585 रुपये |
| दिल्ली | 1,58,760 रुपये | 1,45,530 रुपये |
| मुंबई | 1,59,030 रुपये | 1,45,778 रुपये |
| चेन्नई | 1,59,500 रुपये | 1,46,208 रुपये |
| बेंगलुरु | 1,59,160 रुपये | 1,45,897 रुपये |
इन आंकड़ों से साफ है कि चेन्नई में सोने की कीमत सबसे अधिक है, जबकि दिल्ली और कोलकाता में थोड़ी कम कीमत दर्ज की गई है।
चांदी की कीमत कितनी है?
देश में आज चांदी का औसत भाव लगभग ₹2,85,000 प्रति किलोग्राम यानी ₹285 प्रति ग्राम है। हालांकि कुछ बड़े शहरों जैसे दिल्ली और चेन्नई में चांदी का भाव ₹2,95,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण चांदी में भी मजबूती बनी हुई है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और कमजोर होते शेयर बाजार के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। सोना हमेशा से “सेफ हेवन” निवेश माना जाता है, इसलिए इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
इसके अलावा भारतीय रुपये में कमजोरी और सरकार द्वारा सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाए जाने से भी घरेलू बाजार में कीमतें ऊपर बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार 2025 में सोने की कीमतों में लगभग 60% तक तेजी देखी गई और 2026 में भी यह रुझान जारी है।
गहनों की खरीदारी पर असर
लगातार बढ़ती कीमतों का सबसे बड़ा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। शादी-ब्याह और त्योहारों के लिए सोना खरीदना अब पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार:
• FY26 में सोने के गहनों की खरीदारी में 6%-7% की गिरावट दर्ज की गई।
• FY27 में यह गिरावट बढ़कर 13%-14% तक पहुंच सकती है।
• सोने की बिक्री मात्रा घटकर 620-640 टन तक आने का अनुमान है, जो लगभग 10 साल का सबसे निचला स्तर हो सकता है।
हालांकि बिक्री की मात्रा घट सकती है, लेकिन ऊंची कीमतों की वजह से ज्वेलरी कारोबार का कुल मूल्य बढ़ा हुआ दिखाई देगा।
भारत पर आयात का असर
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में से एक है। FY26 में भारत ने लगभग 720 टन सोने का आयात किया, जिससे करीब 72 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बाहर गई।
सरकार ने बढ़ते आयात बिल को नियंत्रित करने और रुपये को मजबूती देने के लिए सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाया है। इसका असर सीधे ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है तो सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम है। हालांकि मांग में कमी आने से भविष्य में ज्वेलरी बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए सोना अभी भी सुरक्षित निवेश माना जा रहा है, लेकिन आम खरीदारों के लिए बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं।







