ट्रंप के बयान से मजबूत हुआ रुपया, डॉलर पर भारी पड़ी भारतीय करेंसी
1. Donald Trump के बयान का असर
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान से जुड़ा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है।
इस बयान से वैश्विक बाजारों में यह संकेत गया कि मध्य-पूर्व में तनाव कम हो सकता है।
जब युद्ध या तनाव कम होने की उम्मीद बनती है तो:
• निवेशकों का डर कम होता है
• तेल की कीमतें गिरने लगती हैं
• डॉलर थोड़ा कमजोर पड़ सकता है
इन सबका फायदा भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्रा को मिलता है।
2. रुपये की स्थिति क्या रही
मंगलवार को Indian Rupee में हल्की मजबूती आई।
• रुपया 91.92 प्रति डॉलर पर खुला
• कुछ देर बाद 92.14 प्रति डॉलर पर कारोबार करने लगा
• यानी पिछले बंद स्तर से लगभग 7 पैसे मजबूत
एक दिन पहले रुपया 92.21 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो अब तक का सबसे निचला स्तर (All Time Low) था।
डॉलर के मुकाबले जब रुपये की संख्या कम होती है तो उसे मजबूती माना जाता है।
3. तेल की कीमतों में गिरावट
वैश्विक तेल बेंचमार्क Brent Crude में बड़ी गिरावट आई।
• कीमत लगभग 4.69% गिरकर 94.32 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
भारत तेल का बड़ा आयातक है।
इसलिए जब तेल सस्ता होता है तो:
• भारत को कम डॉलर खर्च करने पड़ते हैं
• रुपया मजबूत होने लगता है
4. डॉलर भी थोड़ा कमजोर हुआ
डॉलर की ताकत को मापने वाला US Dollar Index भी गिरा।
• इंडेक्स 0.26% गिरकर 98.92 पर आ गया।
जब डॉलर इंडेक्स गिरता है तो आमतौर पर अन्य देशों की मुद्राओं को सहारा मिलता है।
5. शेयर बाजार में भी तेजी
रुपये की मजबूती के साथ भारत के शेयर बाजार भी चढ़े।
• BSE Sensex
o 809 अंक चढ़कर 78,375 के पास पहुंचा
• Nifty 50
o 252 अंक बढ़कर 24,280 के आसपास ट्रेड करता दिखा
इसका मतलब निवेशकों का भरोसा थोड़ा बढ़ा।
6. एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं
Anil Kumar Bhansali के अनुसार:
• सोमवार को रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया था
• लेकिन G7 देशों ने संकेत दिया कि वे जरूरत पड़ने पर अपने तेल भंडार का इस्तेमाल करेंगे
• इससे तेल की कीमतें गिरने लगीं और बाजार को राहत मिली
साथ ही:
• रूस पर कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में ढील की उम्मीद
• युद्ध खत्म होने के संकेत
इन कारणों से बाजार का माहौल बेहतर हुआ।
7. आगे रुपये का अनुमान
एक्सपर्ट का अनुमान है कि आने वाले समय में रुपया लगभग:
91.50 – 92.10 प्रति डॉलर के दायरे में रह सकता है।
सरल शब्दों में:
• युद्ध खत्म होने की उम्मीद → बाजार में राहत
• तेल सस्ता → भारत के लिए अच्छा
• डॉलर कमजोर → रुपये को सहारा
• शेयर बाजार में तेजी
इसी वजह से रुपया अपने ऑल टाइम लो से थोड़ा संभल गया।







