डीजल में 25% उछाल: HSD की कीमत ₹137 पार, कंपनियां परेशान
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत में इंडस्ट्रियल डीजल (HSD) की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों — Indian Oil Corporation (IOCL) और Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) — ने 1 अप्रैल से कीमतों में भारी बढ़ोतरी लागू कर दी है।
कितनी बढ़ी कीमत?
• इंडस्ट्रियल डीजल (HSD) में ₹28.22 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
• नई कीमत: ₹137.81 प्रति लीटर (पहले ₹109.59)
• यानी करीब 25% का उछाल
इससे पहले 20 मार्च को भी कीमतों में ₹22 प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
फर्नेस ऑयल भी महंगा
इसी के साथ फर्नेस ऑयल (FO) की कीमत में भी ₹23.77 प्रति लीटर का इजाफा किया गया है, जिससे भारी उद्योगों की लागत और बढ़ेगी।
किन पर पड़ेगा असर?
इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल आम जनता नहीं बल्कि बड़े स्तर पर किया जाता है, जैसे:
• मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और फैक्ट्रियां
• कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स
• प्राइवेट बस ऑपरेटर और ट्रांसपोर्ट कंपनियां
• जनरेटर चलाने वाले कमर्शियल संस्थान
इससे उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिसका असर आगे चलकर सामान और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
आम जनता को राहत, लेकिन…
रिटेल पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हालांकि निजी कंपनियां जैसे Nayara Energy और Shell ने अपने नुकसान की भरपाई के लिए ₹3 से ₹25 प्रति लीटर तक कीमतें बढ़ाई हैं, जिससे कुछ इलाकों में असर दिख सकता है।
फर्नेस ऑयल कहां होता है इस्तेमाल?
फर्नेस ऑयल एक भारी ईंधन है, जिसका उपयोग बड़े पैमाने पर होता है:
• स्टील और सीमेंट इंडस्ट्री
• फैक्ट्रियों की भट्टियां
• पावर प्लांट्स में बिजली उत्पादन
• बॉयलर्स में भाप बनाने के लिए
• बड़े जहाजों के इंजन
इसकी कीमत बढ़ने से निर्माण और ऊर्जा सेक्टर में लागत और महंगाई बढ़ने की आशंका है।
इंडस्ट्रियल डीजल और फर्नेस ऑयल की कीमतों में यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर उद्योगों की लागत बढ़ाएगी। भले ही अभी आम जनता को राहत मिली हो, लेकिन आने वाले समय में इसका असर महंगाई और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।







