रूसी तेल खरीदने की छूट से मजबूत हुआ रुपया, डॉलर के मुकाबले 91.62 पर पहुंचा
शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो पैसे मजबूत होकर 91.62 के स्तर पर पहुंच गया। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन रुपये में यह तेजी उस समय देखने को मिली जब अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दे दी। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह फैसला भारतीय मुद्रा के लिए सहारा बना।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अपने पिछले बंद 91.64 के मुकाबले मजबूत होकर खुला और मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता रहा। हालांकि घरेलू शेयर बाजारों के कमजोर रुख और विदेशी निवेशकों की निकासी के कारण रुपये की तेजी सीमित रही।
इस दौरान डॉलर इंडेक्स 0.37% गिरकर 98.94 पर आ गया, जबकि वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत भी 1.05% गिरकर 84.51 डॉलर प्रति बैरल रही।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
डीबीएस बैंक इंडिया के कार्यकारी निदेशक और ट्रेडिंग प्रमुख समीर करयाट के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय रुपये पर साफ दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों को लेकर चिंता से रुपये पर दबाव बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि मौजूदा अनिश्चित माहौल में निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इस सप्ताह रुपये में करीब 1.4% की गिरावट दर्ज की गई।







