ट्रंप के 15% टैरिफ के बीच रुपया मजबूत, डॉलर पर भारी पड़ा भारतीय करेंसी
🇮🇳 रुपया क्यों मजबूत हुआ?
बुधवार को भारतीय रुपया 6 पैसे बढ़कर 90.89 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इसके पीछे मुख्य कारण:
1. कमजोर अमेरिकी डॉलर
डॉलर इंडेक्स गिरकर 97.77 पर आ गया, जिससे रुपये को सपोर्ट मिला।
2. घरेलू शेयर बाजार में तेजी
o BSE Sensex 558 अंक चढ़ा
o NIFTY 50 157 अंक बढ़ा
3. शुरुआती कारोबार में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
🇺🇸 टैरिफ का क्या मामला है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 15% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान किया।
पहले उनके टैरिफ को Supreme Court of the United States ने खारिज किया था, जिसके बाद यह नया कदम उठाया गया।
इस फैसले से:
• वॉल स्ट्रीट में दबाव आया
• वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी
लेकिन भारतीय रुपया अपेक्षाकृत स्थिर रहा।
किन कारणों से बढ़त सीमित रही?
1. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
o Brent Crude 71.74 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा।
तेल महंगा होने से भारत का आयात बिल बढ़ता है, जिससे रुपये पर दबाव आता है।
2. विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹102.53 करोड़ के शेयर बेचे।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञ Anil Kumar Bhansali (Finrex Treasury Advisors LLP) के अनुसार:
• रुपया 90.75 से 91.25 के दायरे में कारोबार कर सकता है।
• डॉलर में गिरावट आने पर फिर खरीदारी हो सकती है।
आसान निष्कर्ष
• डॉलर कमजोर → रुपया मजबूत
• शेयर बाजार मजबूत → रुपया मजबूत
• तेल महंगा + विदेशी निवेश निकासी → रुपये पर दबाव







