Share Market Crash: आईटी शेयरों की बिकवाली से बाजार धराशायी, BSE Sensex 1330 अंक लुढ़का, Nifty 50 भी फिसला
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 24 फरवरी को भारी गिरावट दर्ज की गई। दोपहर करीब 1 बजे तक सेंसेक्स 1100 से अधिक अंक टूट चुका था, जबकि निफ्टी 50 करीब 313 अंक लुढ़क गया। पिछले दो दिनों से जारी तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया और निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
आइए जानते हैं इस गिरावट की बड़ी वजहें:
1. आईटी शेयरों में जोरदार बिकवाली
आईटी सेक्टर में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों की सोच प्रभावित की है।
अमेरिकी एआई कंपनी Anthropic ने अपने ‘Claude Code’ टूल को लेकर दावा किया कि यह पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को अपग्रेड करने की लागत और जटिलता कम कर सकता है। इस बयान के बाद निवेशकों को आशंका है कि पारंपरिक आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर असर पड़ सकता है।
कारोबार की शुरुआत में ही आईटी इंडेक्स करीब 3% तक गिर गए।
2. वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत
अमेरिकी बाजार Wall Street में पिछला कारोबारी सत्र गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं एशियाई बाजारों में भी सुस्ती देखने को मिली।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के 15% टैरिफ प्रस्ताव से जुड़ी अनिश्चितता और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ संबंधी फैसले ने बाजार का मूड खराब कर दिया। वैश्विक अनिश्चितता का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
3. रुपया फिर कमजोर
डॉलर के मुकाबले रुपया शुरुआती कारोबार में 7 पैसे गिरकर 90.96 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि विदेशी निवेशकों की खरीदारी से ज्यादा गिरावट पर कुछ हद तक रोक लगी।
कमजोर रुपया भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
4. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 1% बढ़कर 72.13 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। तेल की कीमतों में उछाल भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता बढ़ा सकता है।
तेल महंगा होने से व्यापार घाटा बढ़ने और महंगाई पर दबाव आने की आशंका रहती है, जिससे बाजार में सतर्कता बढ़ जाती है।
आईटी शेयरों में बिकवाली, वैश्विक अनिश्चितता, कमजोर रुपया और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने मिलकर बाजार में बड़ी गिरावट ला दी। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों की रणनीति बाजार की दिशा तय करेंगे।







