IPO नियमों में बड़ा बदलाव, NSE और Jio जैसी कंपनियों के लिए शेयर बाजार का रास्ता आसान

सरकार ने IPO (Initial Public Offering) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे भारत की बहुत बड़ी कंपनियों के लिए शेयर बाजार में लिस्ट होना पहले से आसान हो जाएगा। इस फैसले का सीधा फायदा खासतौर पर National Stock Exchange और Reliance Jio जैसी बड़ी कंपनियों को मिल सकता है, जिनके IPO का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।

1️⃣ बड़ी कंपनियों को कम शेयर बेचने की छूट

नए नियमों के अनुसार अगर किसी कंपनी की लिस्टिंग के बाद मार्केट कैपिटलाइजेशन 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होता है, तो उसे IPO के समय केवल 2.5% शेयर ही आम निवेशकों को बेचने होंगे।

पहले क्या था?

पहले कंपनियों को शुरुआत में ज्यादा हिस्सेदारी पब्लिक को देनी पड़ती थी, जिससे कई बड़ी कंपनियां IPO लाने से बचती थीं।
अब फायदा क्या होगा?

• बड़ी कंपनियों को नियंत्रण खोने का डर कम होगा
• IPO लाना आसान होगा
• बड़े ब्रांड भी शेयर बाजार में आ सकेंगे

2️⃣ पब्लिक शेयरहोल्डिंग धीरे-धीरे बढ़ानी होगी

सरकार ने यह भी तय किया है कि कंपनियां समय के साथ अपनी पब्लिक हिस्सेदारी बढ़ाएंगी।

अगर IPO के समय पब्लिक शेयरहोल्डिंग 15% से कम है तो:

• 5 साल में इसे 15% करना होगा
• 10 साल में इसे 25% तक बढ़ाना होगा
अगर IPO के समय 15% से ज्यादा पब्लिक शेयरहोल्डिंग है:
• 5 साल के भीतर इसे 25% करना अनिवार्य होगा

इससे बाजार में निवेशकों की भागीदारी धीरे-धीरे बढ़ेगी।

3️⃣ कंपनी के आकार के हिसाब से नियम

सरकार ने मार्केट कैप के आधार पर अलग-अलग नियम बनाए हैं।

1 लाख करोड़ – 5 लाख करोड़ वाली कंपनियां
IPO के समय कम से कम 2.75% शेयर जनता को देने होंगे।
50,000 करोड़ – 1 लाख करोड़ वाली कंपनियां
IPO के समय कम से कम 8% शेयर पब्लिक को जारी करने होंगे।

छोटी कंपनियों के लिए यह प्रतिशत और ज्यादा हो सकता है ताकि बाजार में पर्याप्त ट्रेडिंग बनी रहे।

4️⃣ SVR शेयरों पर भी नया नियम

अगर किसी कंपनी के पास SVR (Superior Voting Rights) शेयर हैं, तो:
• जब कंपनी अपने सामान्य शेयर बाजार में लिस्ट करेगी
• तब SVR शेयरों को भी साथ में लिस्ट करना होगा
इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों को पूरी जानकारी देना है।

5️⃣ NSE और जियो के लिए क्यों अहम है फैसला

यह बदलाव खास तौर पर इन बड़ी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है:

• National Stock Exchange
• Reliance Jio

इन दोनों कंपनियों का वैल्यूएशन बहुत बड़ा है। पुराने नियमों के कारण उन्हें IPO के समय ज्यादा हिस्सेदारी पब्लिक को देनी पड़ती, जिससे लिस्टिंग में देरी हो रही थी।

अब:
• कम हिस्सेदारी बेचकर भी IPO लाया जा सकेगा
• कंपनियों का नियंत्रण प्रमोटर्स के पास रहेगा
• बड़े IPO आने की संभावना बढ़ेगी

सरकार के इस फैसले से भारत के शेयर बाजार में बड़े IPO की लहर आ सकती है। इससे निवेशकों को नई कंपनियों में निवेश का मौका मिलेगा और भारतीय पूंजी बाजार भी मजबूत होगा।

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