सिगरेट पीने वालों को झटका: 10 रुपये की सिगरेट अब होगी और महंगी
अगर आप सिगरेट पीते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। केंद्र सरकार ने तंबाकू और तंबाकू से बने उत्पादों पर 40 फीसदी जीएसटी के अलावा अब एक्साइज ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। यह नया नियम 1 फरवरी 2026 से लागू होगा। सरकार के इस फैसले के बाद देशभर में सिगरेट के दामों में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है, जिससे आम से लेकर प्रीमियम सिगरेट तक महंगी हो जाएंगी।
🔹 क्यों बढ़ रहे हैं सिगरेट के दाम?
केंद्र सरकार का यह फैसला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि तंबाकू उत्पादों पर ज्यादा टैक्स लगाने से उनकी खपत में कमी आएगी और इससे गंभीर बीमारियों पर होने वाला स्वास्थ्य खर्च भी कम किया जा सकेगा।
🔹 10 रुपये की सिगरेट अब कितने की हो सकती है?
अब तक सिगरेट पर 40% जीएसटी लगाया जा रहा था, लेकिन नई एक्साइज ड्यूटी जुड़ने के बाद कुल टैक्स का बोझ और बढ़ जाएगा।
अनुमान के मुताबिक:
जो सिगरेट अभी 10 रुपये में मिल रही है, उसकी कीमत बढ़कर 12 से 15 रुपये तक हो सकती है।
मिड-रेंज सिगरेट के दाम 20 से 25% तक बढ़ सकते हैं।
वहीं, प्रीमियम सिगरेट पहले से कहीं ज्यादा महंगी हो जाएंगी।
हालांकि, सटीक बढ़ोतरी सिगरेट के ब्रांड, लंबाई (लॉन्ग या शॉर्ट) और पैकिंग पर निर्भर करेगी।
🔹 सिगरेट की लंबाई के हिसाब से भी बढ़ेगा दाम
सरकार के नए नियमों के अनुसार, सिगरेट की लंबाई के आधार पर एक्साइज ड्यूटी तय की जाएगी।
छोटी सिगरेट पर कम
जबकि लंबी और फिल्टर वाली सिगरेट पर ज्यादा टैक्स लगेगा
इसका सीधा असर यह होगा कि लंबी और प्रीमियम सिगरेट पीने वालों को जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।
🔹 आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
इस फैसले से सबसे ज्यादा असर नियमित सिगरेट पीने वालों पर पड़ेगा। रोज सिगरेट पीने वालों का मासिक खर्च काफी बढ़ सकता है। वहीं, दुकानदारों और तंबाकू कारोबार से जुड़े लोगों को भी बिक्री में गिरावट की आशंका है।
🔹 सरकार को क्या फायदा?
सरकार को इस फैसले से:
राजस्व में बढ़ोतरी होगी
तंबाकू सेवन में कमी लाने में मदद मिलेगी
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले बोझ को कम किया जा सकेगा
🔹 निष्कर्ष
1 फरवरी 2026 से सिगरेट पीना न सिर्फ सेहत के लिए नुकसानदेह, बल्कि जेब पर भी भारी पड़ने वाला है। ऐसे में यह फैसला कई लोगों के लिए सिगरेट छोड़ने का एक बड़ा कारण बन सकता है।







