वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला: LPG आवंटन 70% तक बढ़ा, पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार ने आम जनता और उद्योगों को राहत देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने राज्यों को LPG का 70% तक आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ईंधन की कमी न हो और आपूर्ति सुचारू बनी रहे।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और अन्य श्रम-प्रधान उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी, खासकर उन इलाकों में जहां पाइप्ड गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
पेट्रोल-डीजल पर बड़ी राहत
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और Strait of Hormuz में सप्लाई बाधित होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि:
• पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर लगभग 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है
• डीजल पर एक्साइज ड्यूटी शून्य कर दी गई है
• कुल मिलाकर 10 रुपये प्रति लीटर तक की राहत दी गई है
इस कदम से बढ़ती महंगाई के बोझ को कम करने में मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का यह फैसला उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर कोई संकट नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
साथ ही उन्होंने साफ किया कि:
ईंधन संकट के कारण किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है।
उन्होंने सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में फैल रही अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह भ्रामक और आधारहीन हैं।
गैर-जिम्मेदाराना बयानों पर नाराज़गी
वित्त मंत्री ने कुछ नेताओं द्वारा दिए गए लॉकडाउन संबंधी बयानों पर चिंता जताई और उन्हें गैर-जिम्मेदाराना बताया। उनका कहना है कि ऐसे बयान जनता में अनावश्यक डर पैदा करते हैं।
“समय पर लिया गया फैसला” — पुरी
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस कदम को “समय पर लिया गया साहसिक निर्णय” बताया। उनके अनुसार, यह फैसला न सिर्फ आम लोगों को राहत देगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी स्थिर बनाए रखने में मदद करेगा।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत सरकार लगातार सक्रिय कदम उठा रही है। LPG आवंटन बढ़ाने और ईंधन पर टैक्स घटाने जैसे फैसले इस बात का संकेत हैं कि सरकार संकट के असर को कम करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।







