ईरान-इजरायल तनाव से हिले चावल के स्टॉक्स, 72 घंटे में बासमती की कीमत 10% तक गिरी
मिडिल ईस्ट तनाव का असर
Iran–Israel conflict के कारण मिडिल ईस्ट में जहाज़ों की आवाजाही और शिपमेंट में रुकावट का खतरा बढ़ गया है।
इसी वजह से भारत से भेजे जा रहे चावल के कई कंटेनर पोर्ट पर फंस गए हैं।
• गुजरात के Mundra Port पर करीब 2000 कंटेनर फंसे हैं
• Jawaharlal Nehru Port Trust पर 300 से ज्यादा कंटेनर अटके हैं
• कुल मिलाकर लगभग 4 लाख टन बासमती चावल रास्ते में या पोर्ट पर अटका हुआ है
इससे प्रीमियम बासमती चावल की कीमतें 72 घंटे में 7-10% तक गिर गईं।
शेयर बाजार में क्यों दिख रहा उतार-चढ़ाव
चावल निर्यात से जुड़ी कंपनियों के शेयर इसलिए फोकस में हैं क्योंकि उनका बिजनेस सीधे एक्सपोर्ट पर निर्भर है।
फोकस में रहने वाली कंपनियां:
• LT Foods Ltd
• KRBL Ltd
हाल की चाल:
• LT Foods के शेयर में लगभग 9.5% उछाल
• KRBL पहले 3.3% चढ़ा, फिर हल्की गिरावट आई
यानी निवेशकों के बीच अनिश्चितता (uncertainty) है, इसलिए शेयर ऊपर-नीचे हो रहे हैं।
मिडिल ईस्ट क्यों है इतना महत्वपूर्ण
भारत के बासमती चावल का सबसे बड़ा बाजार मिडिल ईस्ट है।
मुख्य आयातक देश:
• Saudi Arabia
• Iran
• Iraq
• Qatar
• Oman
कुल बासमती एक्सपोर्ट का करीब 35% अकेले ईरान को जाता है।
सरकार के फैसले से आई थोड़ी राहत
Government of India ने चावल एक्सपोर्ट से जुड़े कुछ नियमों में ढील दी है:
• गैर-बासमती चावल का $490 प्रति टन फ्लोर प्राइस हटाया
• बासमती चावल का $950 प्रति टन फ्लोर प्राइस हटाया
इससे निवेशकों को उम्मीद है कि एक्सपोर्ट फिर तेज हो सकता है।
आगे क्या हो सकता है
• अगर मिडिल ईस्ट का तनाव कम होता है → फंसा हुआ स्टॉक जल्दी क्लियर होगा
• एक्सपोर्ट सामान्य हुआ → चावल कंपनियों के शेयर फिर मजबूत हो सकते हैं
• तनाव बढ़ा → शेयरों में और उतार-चढ़ाव संभव







