IAS-IPS नहीं, ये है भारत की सबसे ज्यादा सैलरी वाली सरकारी नौकरी जानिए IAS-IPS से कितनी ज्यादा मिलती है तनख्वाह
आज के समय में सरकारी नौकरी सिर्फ जॉब सिक्योरिटी तक सीमित नहीं रह गई है। बेहतर सैलरी, पेंशन, मुफ्त मेडिकल सुविधा, सरकारी आवास और सामाजिक सम्मान की वजह से युवाओं में सरकारी सेक्टर का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है।
जब भी देश में प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी की बात होती है, तो सबसे पहले IAS और IPS का नाम लिया जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार UPSC परीक्षा की तैयारी करते हैं, ताकि उन्हें प्रशासन और पुलिस सेवा में काम करने का मौका मिल सके। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ सरकारी पद ऐसे भी हैं, जिनकी सैलरी और सुविधाएं IAS-IPS से भी ज्यादा हैं?
सबसे ज्यादा सैलरी वाली सरकारी नौकरी कौन-सी है?
भारत में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाली सरकारी नौकरी सुप्रीम कोर्ट के जज की मानी जाती है।
वर्तमान वेतन संरचना के अनुसार—
- Chief Justice of India (CJI) को लगभग ₹2.80 लाख प्रति माह
- सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों को करीब ₹2.50 लाख प्रति माह सैलरी मिलती है
- यह वेतन IAS और IPS समेत सभी सिविल सेवाओं की अधिकतम सैलरी से अधिक है।
सैलरी के साथ मिलती हैं ये खास सुविधाएं
सुप्रीम कोर्ट के जजों को केवल ऊंचा वेतन ही नहीं, बल्कि कई विशेष सुविधाएं भी दी जाती हैं—
- सरकारी आवास
- सुरक्षा और ड्राइवर
- स्टाफ और निजी सचिव
- मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं
- सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन पेंशन
इनका मुख्य दायित्व संविधान की रक्षा करना, कानून की अंतिम व्याख्या करना और देश के सबसे बड़े मामलों में न्याय सुनिश्चित करना होता है।
- IAS-IPS से कितनी ज्यादा होती है सैलरी?
- IAS/IPS अधिकारी की शुरुआती बेसिक सैलरी: ₹56,100 प्रति माह
- भत्तों सहित कुल वेतन: ₹85,000 से ₹1 लाख तक
करियर के शीर्ष पद (कैबिनेट सचिव) पर अधिकतम सैलरी: ₹2.50 लाख प्रति माह
वहीं, सुप्रीम कोर्ट के जज को ₹2.50 लाख और मुख्य न्यायाधीश को ₹2.80 लाख प्रति माह वेतन मिलता है।
यानी सुप्रीम कोर्ट जज की सैलरी IAS-IPS की शुरुआती सैलरी से लगभग तीन गुना ज्यादा होती है।
क्यों सबसे प्रतिष्ठित मानी जाती है ये नौकरी?
सुप्रीम कोर्ट का जज बनना बेहद कठिन है। इसके लिए वर्षों का कानूनी अनुभव, बेदाग छवि, उच्च नैतिकता और असाधारण योग्यता जरूरी होती है। यही वजह है कि यह पद न सिर्फ सबसे ज्यादा सैलरी वाला, बल्कि भारत का सबसे प्रतिष्ठित सरकारी पद भी माना जाता है।







