How Cold Is Too Cold: इंसान कितनी ठंड सह सकता है? जानिए ज्यादा सर्दी में क्या होते हैं खतरे
Body Temperature In Winter: सर्दियों में तापमान गिरने का सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। इंसान का शरीर होमियोथर्मिक होता है, यानी सामान्य हालात में शरीर का अंदरूनी तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस बना रहता है। लेकिन जब ठंड ज्यादा बढ़ जाती है, तो शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है।
शरीर ठंड से कैसे बचाव करता है?
ठंड लगने पर शरीर सबसे पहले:
• त्वचा तक खून की सप्लाई कम करता है
• कंपकंपी के जरिए गर्मी पैदा करता है
• रोंगटे खड़े कर त्वचा के पास गर्म हवा रोकने की कोशिश करता है
लेकिन जब ठंड हद से ज्यादा बढ़ जाए, तो ये नेचुरल सिस्टम भी फेल होने लगते हैं।
हाइपोथर्मिया क्या है?
अगर शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाए, तो इसे हाइपोथर्मिया कहा जाता है। यह एक गंभीर मेडिकल कंडीशन है।
हाइपोथर्मिया के प्रकार
1. हल्का हाइपोथर्मिया (32–35°C):
• भूख लगना
• मतली, उलझन
• त्वचा पीली और रूखी होना
2. मध्यम हाइपोथर्मिया (32°C से नीचे):
• दिल की धड़कन और सांसें धीमी
• अजीब व्यवहार (जैसे बिना वजह कपड़े उतारना)
• दिमाग का तापमान नियंत्रण बिगड़ना
3. गंभीर हाइपोथर्मिया (28°C से नीचे):
• शरीर की गतिविधियां लगभग बंद
• ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट तेजी से गिरना
• बेहोशी और जान का गंभीर खतरा
ज्यादा ठंड में क्या करें और क्या न करें?
क्या न करें:
• शराब का सेवन
• सीधे गर्म पानी की बोतल लगाना
क्या करें:
• शरीर को हल्का एक्टिव रखें
• लेयर में गर्म कपड़े पहनें
• ठंडी हवा और नमी से बचें







