Sphatik Mala Benefits: स्फटिक माला धारण करने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, तभी मिलेगा पूरा लाभ

स्फटिक माला (Sphatik Mala / Crystal Quartz) को धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है। इसे शुक्र ग्रह और मां लक्ष्मी का प्रतीक कहा जाता है। मान्यता है कि सही विधि और नियमों के साथ स्फटिक माला धारण करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, आर्थिक समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। हालांकि, बिना शुद्धिकरण और नियमों के स्फटिक माला पहनने से इसका पूरा प्रभाव नहीं मिल पाता। ऐसे में आइए जानते हैं स्फटिक माला के लाभ, धारण विधि और जरूरी नियम।

स्फटिक माला धारण करने के लाभ

शास्त्रों और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, स्फटिक माला धारण करने से मन शांत रहता है और एकाग्रता में वृद्धि होती है। यह मां लक्ष्मी की कृपा दिलाने में सहायक मानी जाती है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
ज्योतिष के अनुसार, स्फटिक माला से शुक्र ग्रह मजबूत होता है, जिससे धन, यश, सौंदर्य और आकर्षण में वृद्धि होती है। इसके साथ ही यह साधक की आध्यात्मिक उन्नति में भी मदद करती है।

स्फटिक माला धारण करने की सही विधि

सबसे पहले स्फटिक माला को पंचामृत (गंगाजल, कच्चा दूध, दही, शहद और घी) से स्नान कराएं।

इसके बाद इसे गंगाजल से शुद्ध करें।

अब धूप-दीप दिखाकर मां लक्ष्मी के समक्ष रखें।

माला को सिद्ध या धारण करते समय 108 बार निम्न में से किसी एक मंत्र का जाप करें—

लक्ष्मी मंत्र:
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः

शुक्र मंत्र:
ॐ शुं शुक्राय नमः

स्फटिक माला धारण करते समय रखें ये सावधानियां

स्फटिक माला को धारण करने के लिए शुक्रवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है।

इसे सुबह स्नान के बाद सूर्योदय के समय धारण करें।

रात में सोते समय माला उतारकर किसी साफ स्थान या पूजा स्थल पर रखें।

सुबह स्नान के बाद ही इसे दोबारा पहनें।

अशुद्ध अवस्था या सूतक काल में माला धारण न करें।

अपनी स्फटिक माला किसी और को पहनने के लिए न दें और न ही किसी की पहनी हुई माला खुद पहनें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नियमों की अनदेखी करने पर स्फटिक माला से मिलने वाला सकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है।

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