2026 में दुनिया खत्म? प्रलय की भविष्यवाणियां क्यों हो रही हैं वायरल
Doomsday Predictions 2026: नए साल की शुरुआत के साथ ही सोशल मीडिया पर डराने वाली भविष्यवाणियों का सैलाब देखने को मिल रहा है। ‘सब खत्म, टाटा-बाय-बाय’ जैसे मीम्स से लेकर तीसरे विश्व युद्ध और एलियन हमले तक की आशंकाएं इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं। बाबा वेंगा समेत कई स्वयंभू भविष्यवक्ताओं ने साल 2026 को विनाश और युद्ध का वर्ष बताया है। सवाल यह है कि आखिर ये बातें इतनी तेजी से क्यों फैल रही हैं?
सोशल मीडिया पर क्यों बढ़ा ‘प्रलय’ का डर?
साल 2026 को लेकर फैल रही अधिकतर भविष्यवाणियां किसी विश्वसनीय या वैज्ञानिक स्रोत पर आधारित नहीं हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह डर पुराने दावों की नई व्याख्या, विज्ञान की गलत समझ और मौजूदा वैश्विक तनावों के कारण पैदा हो रहा है।
वर्तमान समय में अमेरिका-रूस संबंध, रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व की अशांति और दक्षिण चीन सागर जैसे संवेदनशील क्षेत्र लोगों की सामूहिक चिंता को और गहरा कर रहे हैं।
बाबा वेंगा और 2026 की भविष्यवाणियां
1996 में निधन के बावजूद बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां आज भी चर्चा में रहती हैं। उनकी कथित चेतावनियां न्यूयॉर्क पोस्ट, द मिरर और एक्सप्रेस जैसे विदेशी टैब्लॉयड्स के ज़रिए बार-बार सामने आती हैं। हालांकि, उनकी भविष्यवाणियों का कोई आधिकारिक लिखित रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। ये बातें मौखिक रूप से फैलीं और बाद में सोशल मीडिया पर सनसनी बन गईं।
बाबा वेंगा के अनुसार मानव सभ्यता का पतन 2025 के बाद शुरू होगा, जबकि दुनिया का अंत उन्होंने साल 5079 तक बताया था।
द इकोनॉमिस्ट और वैश्विक चिंता
द इकोनॉमिस्ट की रिपोर्ट ‘The World Ahead 2026’ में युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक अनिश्चितता से भरे साल की आशंका जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में वैश्विक वित्तीय बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है, लेकिन इसे ‘प्रलय’ कहना अतिशयोक्ति होगी।
एलियन, प्राकृतिक आपदाएं और तीसरे विश्व युद्ध के दावे
वायरल भविष्यवाणियों में शामिल हैं:
तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत
रूस, अमेरिका, चीन और यूरोप के बीच वैश्विक संघर्ष
विनाशकारी भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और चरम मौसम
नवंबर 2026 में पृथ्वी के वायुमंडल में विशाल एलियन यान के प्रवेश का दावा
वैज्ञानिक समुदाय इन सभी दावों को काल्पनिक और अप्रमाणित मानता है।
अन्य भविष्यवक्ताओं के दावे
पाकिस्तानी आध्यात्मिक गुरु रियाज अहमद गोहर शाही ने 2026 में धूमकेतु टकराने की बात कही थी।
ब्राजील के ‘लिविंग नॉस्ट्राडेमस’ कहे जाने वाले एथोस सलोमे ने वैश्विक युद्ध और साइबर संघर्ष की चेतावनी दी।
घाना के स्वयंभू पैगंबर एबो नूह की बाढ़ की भविष्यवाणी नाकाम रही और मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया।
क्यों वायरल होती हैं ऐसी भविष्यवाणियां?
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रलय और तबाही से जुड़ा कंटेंट डर और अनिश्चितता जैसी तीव्र भावनाओं को उकसाता है। सोशल मीडिया एल्गोरिदम ऐसे सनसनीखेज कंटेंट को ज्यादा प्रमोट करते हैं, जिससे ये तेजी से वायरल हो जाता है।
निष्कर्ष
साल 2026 को लेकर फैल रही प्रलय की भविष्यवाणियां वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। इतिहास गवाह है कि ऐसी आशंकाएं पहले भी उठती रही हैं और हर बार निराधार साबित हुई हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि अफवाहों से बचें और किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले विश्वसनीय स्रोतों की जांच करें।







