25 साल पुराने भाई की हत्या के मामले में उम्रकैद का सजायाफ्ता गिरफ्तार, भेष बदलकर गुरुग्राम में रह रहा था आरोपी
दिल्ली पुलिस की नबी करीम थाना टीम ने तकनीकी सर्विलांस से आधी रात में दबोचा फरार हत्यारा भीम महतो
दिल्ली पुलिस ने 25 साल पुराने एक सनसनीखेज हत्याकांड में फरार चल रहे उम्रकैद के सजायाफ्ता अपराधी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। अपने ही सगे भाई की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया भीम महतो भेष बदलकर गुरुग्राम में रह रहा था, जिसे पुलिस ने गुप्त ऑपरेशन के तहत धर दबोचा।
नई दिल्ली।
‘कानून के हाथ लंबे होते हैं’—इस कहावत को दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर सच कर दिखाया है। पुलिस ने 25 साल पुराने हत्याकांड के एक ऐसे दोषी को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से कानून को चकमा देकर फरार चल रहा था। आरोपी ने अपने ही सगे भाई की हत्या की थी और उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बावजूद अदालत के आदेश का उल्लंघन कर फरार हो गया था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान भीम महतो के रूप में हुई है। मामला साल 1999 का है, जब दिल्ली के नबी करीम इलाके में मामूली विवाद के बाद भीम महतो ने अपने भाई किशन महतो की बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस ने उस समय एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
साल 2002 में तीस हजारी कोर्ट ने भीम महतो को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद (Life Imprisonment) की सजा सुनाई थी। इसके बाद आरोपी ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की, जहां से उसे अंतरिम जमानत मिल गई।
करीब दो दशकों तक मामला अदालत में चलता रहा। 30 अक्टूबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत के उम्रकैद के फैसले को बरकरार रखा और उसे 5 नवंबर 2025 तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।
लेकिन सजा के डर से भीम महतो ने सरेंडर नहीं किया और फरार हो गया। तय समय पर जेल में हाजिर न होने पर ट्रायल कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया।
इसके बाद नबी करीम थाना पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और खुफिया सूचना के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम के सुखराली गांव में भेष बदलकर रह रहा है। आधी रात को चलाए गए एक गुप्त ऑपरेशन में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि अब वह अपनी बाकी की जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे बिताएगा।




