भारतीय रसोई में सरसों का तेल: दिल की सेहत के लिए क्यों है बेस्ट?

कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार, सरसों का तेल मोनोअनसैचुरेटेड फैट और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे दिल की सेहत बेहतर रहती है।

भारतीय खाना पकाने में अक्सर हाई हीट कुकिंग, तड़का और फ्राई की जाती है। ऐसे में तेल का चुनाव सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि हार्ट हेल्थ के लिए भी महत्वपूर्ण है।

• ऑलिव ऑयल: एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैट और एंटीऑक्सीडेंट LDL के ऑक्सीडेशन को रोकते हैं।
• मूंगफली का तेल: हाई हीट पर स्थिर और मोनोअनसैचुरेटेड फैट में अच्छा, लेकिन ओमेगा-3 और पॉलीफेनॉल्स की कमी।

कार्डियोलॉजिस्ट का कहना है कि भारतीय कुकिंग के लिए सरसों का तेल सबसे बेहतर विकल्प है। इसका स्मोक पॉइंट ऊंचा है और ओमेगा-3 व ओमेगा-6 का संतुलित मिश्रण दिल को बेहतर सुरक्षा देता है।

साथ ही, तेलों को रोटेशन में इस्तेमाल करना भी फायदेमंद है। सरसों, ऑलिव और मूंगफली के तेल बदल-बदल कर इस्तेमाल करने से शरीर को अलग-अलग फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं, जिससे दिल की बीमारी का खतरा कम होता है।

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