इंडोनेशिया से मॉरीशस तक: 5 देश जहां हिंदू देवताओं की पूजा होती है अलग अंदाज़ में

ऋग्वेद का मंत्र “एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति” सचमुच इन देशों में जीवंत दिखाई देता है। देवता वही हैं, लेकिन पूजा का तरीका स्थानीय संस्कृति, भाषा और इतिहास के अनुसार बदल जाता है। आइए जानते हैं 5 देशों की खासियत

1. 🇮🇩 इंडोनेशिया

• दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश, लेकिन बाली द्वीप पर हिंदू धर्म प्रमुख है।
• 9वीं शताब्दी का भव्य प्रंबानन मंदिर शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है।
• यहां रोज़ाना कैनंग सारी नामक प्रसाद (फूल, चावल, अगरबत्ती से सजी टोकरी) अर्पित किया जाता है।
• रामायण का मंचन खुले मंच पर नृत्य-नाटक के रूप में होता है।

यहां हिंदू धर्म जीवनशैली का हिस्सा है, केवल मंदिर तक सीमित नहीं।

2. 🇳🇵 नेपाल

• 2008 तक आधिकारिक रूप से हिंदू राष्ट्र।
• काठमांडू में “जीवित देवी” कुमारी की पूजा होती है, जिन्हें दुर्गा का रूप माना जाता है।
• पशुपतिनाथ मंदिर शिव को समर्पित सबसे पवित्र स्थलों में एक है।
• यहां हिंदू और बौद्ध परंपराएं साथ-साथ फलती-फूलती हैं।

आस्था और हिमालयी संस्कृति का अनूठा संगम।

3. 🇹🇭 थाईलैंड

• मुख्य धर्म बौद्ध है, लेकिन हिंदू देवताओं का गहरा सम्मान।
• बैंकॉक का प्रसिद्ध एरावन श्राइन ब्रह्मा (फ्रा प्रोम) को समर्पित है।
• गणेश जी कलाकारों और विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय हैं।
• थाई महाकाव्य रामाकिएन रामायण से प्रेरित है।

यहां हिंदू देवताओं को ब्रह्मांडीय शक्तियों के रूप में देखा जाता है।

4. 🇰🇭 कंबोडिया

• प्राचीन खमेर साम्राज्य ने हिंदू धर्म को अपनाया था।
• 12वीं शताब्दी का विशाल अंगकोरवाट पहले विष्णु मंदिर था।
• मंदिरों की दीवारों पर रामायण और महाभारत की नक्काशी है।
• “देवराज” परंपरा में राजा को शिव या विष्णु का प्रतीक माना जाता था।

आज बौद्ध देश होने के बावजूद कला और वास्तुकला में हिंदू प्रभाव स्पष्ट है।

5. 🇲🇺 मॉरीशस

• 19वीं सदी में भारतीय मजदूरों के साथ हिंदू धर्म पहुंचा।
• पवित्र झील गंगा तलाओ को गंगा से आध्यात्मिक रूप से जुड़ा माना जाता है।
• महाशिवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु यात्रा करते हैं।
• दिवाली राष्ट्रीय अवकाश है, भजन हिंदी, भोजपुरी और क्रियोल में गाए जाते हैं।

यहां हिंदू धर्म प्रवासी पहचान और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।

खास बात क्या है?

• देवता समान, परंपराएं अलग।
• स्थानीय संस्कृति, भाषा और इतिहास के अनुसार पूजा पद्धति बदली।
• हिंदू धर्म ने बिना मूल दर्शन खोए खुद को नए परिवेश में ढाल लिया।

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